"भूलभुलैया की रहस्यमयी घड़ी"

"भूलभुलैया की रहस्यमयी घड़ी"

"भूलभुलैया की रहस्यमयी घड़ी"

राहुल को पुरानी चीज़ों का बहुत शौक़ था। एक दिन, उसने अपने दादा जी के पुराने संदूक में एक अजीब सी घड़ी देखी। घड़ी देखने में साधारण थी, लेकिन जब उसने उसे पहना, तो कुछ अजीब हुआ—पूरी दुनिया जैसे रुक गई!

राहुल ने उत्सुकता से घड़ी के बटन को घुमाया, और अगले ही पल वह 50 साल पीछे, 1975 में पहुंच गया! उसके चारों ओर सब कुछ बदल गया था—कोई मोबाइल नहीं, कोई इंटरनेट नहीं, सिर्फ साइकिल, पुरानी कारें और लोग अजीब कपड़े पहने हुए थे।

वह घबराया लेकिन जल्द ही उसे एहसास हुआ कि वह अपने ही युवा दादा जी से मिल सकता है। उसने उन्हें खोजा और देखा कि उसके दादा जी एक छोटे से दुकान में बैठे थे। वह दौड़कर उनके पास गया और कहा, "दादाजी!"

युवा दादा जी चौंक गए—"तुम कौन हो?"

राहुल को समझ नहीं आया कि क्या जवाब दे। उसने सोचा कि अगर सच बता दिया तो कोई यकीन नहीं करेगा। इसलिए उसने कहा, "मैं एक यात्री हूं, और आपके पास कुछ बहुत कीमती है जो आपको संभाल कर रखना चाहिए।"

दादा जी ने हंसते हुए कहा, "क्या चीज़?"

राहुल को अचानक याद आया कि दादा जी ने एक बार कहा था कि उनके पास एक खास सिक्का था, जो समय के साथ कहीं खो गया था। वह सिक्का बहुत कीमती था।

राहुल ने कहा, "आपका वह पुराना सिक्का! उसे कहीं मत खोने दीजिए।"

दादा जी चौंक गए। "तुम्हें यह कैसे पता?"

राहुल मुस्कुराया, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ और कहता, घड़ी ने फिर से समय बदल दिया और वह वापस 2025 में आ गया।

अब जब वह लौटा, तो उसने देखा कि दादा जी का वही पुराना सिक्का उनकी अलमारी में रखा था—जो पहले कभी नहीं मिला था!

क्या राहुल ने अतीत बदल दिया था? या यह पहले से ही तय था?

कभी-कभी, कुछ रहस्य ऐसे ही बने रहते हैं...

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